Home Top Ad

सबसे प्यारी चीज़ -AKBAR BIRBAL STORIES IN HINDI

Share:

सबसे प्यारी चीज़ -AKBAR BIRBAL STORIES IN HINDI 


आकर बादशाह अक्षर बुद्दिमता पूर्ण प्रसन अपने दरबारियों से पूछकर  अपना ज्ञान बढ़ाया करते थे | एक दिन उन्होंने दरबारियों से प्रसन किया -सबसे  प्यारी चीज़ क्या है| 

दौलत | एक बोला -दौलत का प्यार ऐसा होता है की इंसान उसे कमाने के लिए वतन से बेवतन  हो जाता है | 

इज्जत | दूसरे ने कहा | इज्जत बचाने लिए आदमी दौलत को भी दाव पर लगा देता है | 

जन्नत | तीसरे ने कहा - जन्नत की सैर के लिए इंसान इस संसार में सब कुछ न्योछावर करने त्यार रहता है | 

संतान | चौथे ने कहा- संतान के प्यार में अँधा होकर इंसान झूठ -बेईमानी तक कर डालता है | 



बीरबल की बारी आने पर उसने बताया -सबसे प्यारी चीज़ इंसान के लिए उसकी जान होती है | आलमपनाह - जान पर बन आने पर वह अपनी औलाद की भी परवाह नहीं करता | 

बीरबल की इस बात पर खुसर फुसर होने लगी | 

बादशाह ने कहा - इस बात को सिद्ध करके दिखा सकते हो | 

बीरबल ! क्यों नहीं जहाँपनाह | बीरबल बोले -में सिद्ध करके दिखाऊंगा | 

सबसे प्यारी चीज़ -AKBAR BIRBAL STORIES IN HINDI 

और फिर बीरबल के कहने पर किले के एक हौज़ को खाली करवाकर उसका पानी निकलवा दिया गया  | हौज़ की गहराई बहुत ज्यादा थी | पानी से खाली कराने के बाद उस हौज़ में एक ऐसी बंदरिया को पकड़वाकर उसमे डलवा दिया गया | जो अपने बच्चे को पेट से चिपकाये -चिपकाये फिरा करती थी| बंदरिया ने टैंक में पहुंचकर काफी उछल कूद की मगर बाहर न आ सकी | 

बीरबल के इशारे पर उस हौज़ में पानी छोड़ा जाने लगा | पानी भरते देख बंदरिया पानी से बचने के लिए सूखे में जाने लगी | फिर जब पानी इतना भर गया गया की उसके पेट तक आने लगा  बच्चे को पीठ पर कर लिया | जब पानी और बढ़ा तो उसे हाथों में उठाकर खड़ी हो गयी | पानी बढ़ता ही जा रहा था | यहाँ तक की बंदरिया डूबने लगी -उसके सर तक पानी पहुँच गया | उसके पैर भी उखड़ने लगे तब उसने अपने आप को बचाने के लिए बच्चे को नीचे फेंक दिया | जिसे पेट से चिपकाये फिरती थी | इतना ही नहीं की बच्चे को नीचे फेंक दिया और उसके ऊपर खड़ी हो गयी 

| अपनी बात साबित करते ही बीरबल के कहने पर हौज़ का नीचला ढक्कन खोल दिया गया जिससे पानी निकल जाये | इस घटना को देख बादशाह की आँखें फटी-की -फटी रह गयीं | वह मान गए की वाकई सबसे प्यारी चीज़ जान होती है | अपनी जान बचाने के लिए प्राणी किसी की भी परवाह नहीं करता | 

No comments